ॐ ऐं सरस्वते नमः
माता सरस्वती जो ज्ञान और विद्या की देवी है | जिन्हें वेदों की जननि भी कहा जाता है | माता का स्वरूप बहुत ही शान्त और तेजवान है | माता के एक हाथ में ग्रन्थ है जो वेदों का प्रतीक है तो दूसरे हाथ में माला है और अन्य दो हाथों से वीणा पकड़े हुये है | माता की स्वारी हंस हैं | आज हम आपको उन माता सरस्वती की आरती बता रहे है | कहा जाता है जो विद्यार्थी माता सरस्वती की पूजा उपासना करता है उसे माँ सरस्वती ज्ञान और विद्या प्रदान करती है | खास करके जो विद्यार्थी वसंत पंचमी के दिन माता की पूजा उपासना करता है माता उससे अति प्रसनं होती है |
सरस्वती आरती लिरिक्स हिंदी में
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता |
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ||
जय सरस्वती माता ||
चंद्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी |
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ||
जय सरस्वती माता ||
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला |
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ||
जय सरस्वती माता ||
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया |
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ||
जय सरस्वती माता ||
विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो |
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ||
ॐ जय सरस्वती माता ||
धूप, दीप, फल, मेवा, माँ स्वीकार करो |
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ||
ॐ जय सरस्वती माता ||
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई नर गावे |
हितकारी सुखकारी ज्ञान भक्ति पावे ||
जय माता सरस्वती ||
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता |
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ||
जय जय सरस्वती माता ||
आरती समाप्त
Mother Saraswati who is the goddess of knowledge and learning. She is also known as the mother of Vedas. Mother's nature is very calm and bright. Mother holds a book in one hand which is a symbol of Vedas, in the other hand she holds a garland and with the other two hands she is holding a veena. Mother's wife is a swan. Today we are telling you the aarti of Mother Saraswati. It is said that Mother Saraswati bestows knowledge and learning on a student who worships Goddess Saraswati. Especially the student who worships the mother on the day of Vasant Panchami, the mother is very pleased with him.
Saraswati Aarti Lyrics In English
Om Jay Saraswati Mata, Jai Jai Saraswati Mata
Sadgun Vaibhav Shalini, Tribhuvan Vikhyata
Jay Jay Saraswati Mata ...
chandravadani Padmasini Dyuti Mangal Kaari
Sohe Shubh Hans Sawaari, Atul Tej Dhaari
Jay Jay Saraswati Mata ...
Baaye Kar Mein Veena, Daaye Kar Mala
Sheesh Mukut Mani Shohe, Gale Motiyan Mala
Jay Jay Saraswati Mata ...
Devi Sharan Jo Aaye, Unka Uddhar Kiya
Baithi Manthra Dasi, Rawan Sanhar Kiya
Jay Jay Saraswati Mata ...
Vidya Gyan Pradayini, Jag Mein Gyan Prakash Bharo
Moh Aur Agyan Timir Ka Jag Se Nash Karo
Jay Jay Saraswati Mata ...
Dhoop Deep Phal Meva, Man Swikaar Karo
Gyanchkshu De Mata, Jag Nistar Karo
Jay Jay Saraswati Mata ...
Maa Saraswati Ji Aarti Jo Koi Nar Gave
Hitkari Shukhkari Gyan Bhakti Pave
Jay Jay Saraswati Mata ...
|Aarti Ends |
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image credit To wikimedia commons
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